Yah Vikas hai ya vinas (Bangla)

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यह
विकास है या विनाश, जरा सोचिये भौतिक सुख-समृद्धिको ही जीवनका लक्ष्य मानकर
न्याय, अन्यायपर विचार किये बिना अर्थ और भोग-सञ्चयमें रत लोगोंको स्वामीजीकी
कड़ी चेतावनी।

Language

Bangla

Writer

Swami Ramsukhdas Ji

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यह
विकास है या विनाश, जरा सोचिये भौतिक सुख-समृद्धिको ही जीवनका लक्ष्य मानकर
न्याय, अन्यायपर विचार किये बिना अर्थ और भोग-सञ्चयमें रत लोगोंको स्वामीजीकी
कड़ी चेतावनी।

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Bangla

Writer

Swami Ramsukhdas Ji