Vivek Churamani (Bangla)

25.00

भगवान्शंकराचार्यके
द्वारा विरचित ग्रन्थोंमें विवेक चूड़ामणिका विशेष स्थान है। इसमें ब्रह्म
निष्ठाका महत्त्व, ज्ञानोपलब्धिका उपाय, प्रश्न-निरूपण, आत्मज्ञानका महत्त्व,
पञ्चप्राण, आत्म-निरूपण, मुक्ति कैसे होगी?, आत्मज्ञानका फल आदि तत्त्वज्ञानके
विभिन्न विषयोंका अत्यन्त सुन्दर निरूपण किया गया है।

Language

Bangla

Writer

Gita Press Gorakhpur

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SKU: 1460 Category:

भगवान्शंकराचार्यके
द्वारा विरचित ग्रन्थोंमें विवेक चूड़ामणिका विशेष स्थान है। इसमें ब्रह्म
निष्ठाका महत्त्व, ज्ञानोपलब्धिका उपाय, प्रश्न-निरूपण, आत्मज्ञानका महत्त्व,
पञ्चप्राण, आत्म-निरूपण, मुक्ति कैसे होगी?, आत्मज्ञानका फल आदि तत्त्वज्ञानके
विभिन्न विषयोंका अत्यन्त सुन्दर निरूपण किया गया है।

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Gita Press Gorakhpur