Vivek Chudamani (Hindi)

30.00

भगवान्शंकराचार्यके
द्वारा विरचित ग्रन्थोंमें विवेक चूड़ा मणिका विशेष स्थान है। इस में
ब्रह्मïनिष्ठाका महत्त्व, ज्ञानो पलब्धिका उपाय, प्रश्न-निरूपण, आत्म ज्ञानका
महत्त्व, पञ्चप्राण, आत्म-निरूपण, मुक्ति कैसे होगी?, आत्म ज्ञान का फल आदि
तत्त्व ज्ञानके विभिन्न विषयों का अत्यन्त सुन्दर निरूपण किया गया है।

Language

Hindi

Writer

Gita Press Gorakhpur

Out of stock

SKU: 133 Category:

भगवान्शंकराचार्यके
द्वारा विरचित ग्रन्थोंमें विवेक चूड़ा मणिका विशेष स्थान है। इस में
ब्रह्मïनिष्ठाका महत्त्व, ज्ञानो पलब्धिका उपाय, प्रश्न-निरूपण, आत्म ज्ञानका
महत्त्व, पञ्चप्राण, आत्म-निरूपण, मुक्ति कैसे होगी?, आत्म ज्ञान का फल आदि
तत्त्व ज्ञानके विभिन्न विषयों का अत्यन्त सुन्दर निरूपण किया गया है।

Additional information

Language

Hindi

Writer

Gita Press Gorakhpur