Sri Krishnalila Ka Chintan (Hindi)

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श्रीकृष्णलीलाका चिन्तन ग्रन्थाकार—इस  पुस्तकमें भगवान् श्रीकृष्णके जन्मसे लेकर,
बाल तथा पौगण्ड अवस्थाकी विभिन्न लीलाओंका बड़ा ही साहित्यिक, सरस एवं भावपूर्ण
चित्रण किया गया है। राजसंस्करणमें अच्छे तथा मोटे कागजपर प्रकाशित यह पुस्तक
साहित्यिक मनोभूमिको संस्कारित करनेवाली तथा श्रीकृष्ण भक्तोंके लिये अनुपम
रसायन है।

Language

Hindi

Writer

Gita Press Gorakhpur

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SKU: 571 Category:

श्रीकृष्णलीलाका चिन्तन ग्रन्थाकार—इस  पुस्तकमें भगवान् श्रीकृष्णके जन्मसे लेकर,
बाल तथा पौगण्ड अवस्थाकी विभिन्न लीलाओंका बड़ा ही साहित्यिक, सरस एवं भावपूर्ण
चित्रण किया गया है। राजसंस्करणमें अच्छे तथा मोटे कागजपर प्रकाशित यह पुस्तक
साहित्यिक मनोभूमिको संस्कारित करनेवाली तथा श्रीकृष्ण भक्तोंके लिये अनुपम
रसायन है।

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Gita Press Gorakhpur