इस पुस्तकमें पुष्पदन्त-विरचित भक्तवाञ्छा कल्पतरु भगवान्शिवके
महिम्न:स्तोत्रके मूलश्लोकों के साथ सरस पद्यानुवाद दिया गया है।
Additional information
| Language | Hindi |
|---|---|
| Writer | Gita Press Gorakhpur |
इस पुस्तकमें पुष्पदन्त-विरचित भक्तवाञ्छा कल्पतरु भगवान्शिवके
महिम्न:स्तोत्रके मूलश्लोकों के साथ सरस पद्यानुवाद दिया गया है।
| Language | Hindi |
|---|---|
| Writer | Gita Press Gorakhpur |