विशाल भारतके अनेकों स्थानों पर लिङ्ग रूपसे भगवान्शिवकी
पूजा-अर्चना होती चली आ रही है। ये स्वल्प उपासनासे प्रसन्न होकर भक्तोंको
मनोवाञ्छित फल प्रदान करते हैं। इस पुस्तकमें भगवान्शिवके माहात्म्य
का मनोहर विवेचन है।
Additional information
| Language | Marathi |
|---|---|
| Writer | Gita Press Gorakhpur |





