Shiv Asmaran (Hindi)
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आशुतोषभगवान् शिवकी अद् भुत लीलाएँ उनके भक्त वत्सलताकी
प्रतीक हैं, उसी प्रकार उनके अनेक नाम भी अन्यतम तथा सृष्टि के गूढ़रहस्योंके
परिचायक हैं, उनमें आध्यात्मिक जीवन-शैलीके विचित्र रहस्य हैं। प्रस्तुत
पुस्तकमें कथानक तथा प्रतीकात्मक शैलीमें भगवान् शंकरके शिव, पुरारि, दक्षिणामूॢत, पंचवक्त्र,
आशुतोष, अर्धनारीश्वर, नीललोहित, नटराज आदि दसनामों पर गोलोक वासी
श्रीसुदर्शनसिंह जी चक्रके द्वारा प्रस्तुत ललित भाषामें सरस निबन्ध दिये गये हैं।
| Language | Hindi |
|---|---|
| Writer | Gita Press Gorakhpur |
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आशुतोषभगवान् शिवकी अद् भुत लीलाएँ उनके भक्त वत्सलताकी
प्रतीक हैं, उसी प्रकार उनके अनेक नाम भी अन्यतम तथा सृष्टि के गूढ़रहस्योंके
परिचायक हैं, उनमें आध्यात्मिक जीवन-शैलीके विचित्र रहस्य हैं। प्रस्तुत
पुस्तकमें कथानक तथा प्रतीकात्मक शैलीमें भगवान् शंकरके शिव, पुरारि, दक्षिणामूॢत, पंचवक्त्र,
आशुतोष, अर्धनारीश्वर, नीललोहित, नटराज आदि दसनामों पर गोलोक वासी
श्रीसुदर्शनसिंह जी चक्रके द्वारा प्रस्तुत ललित भाषामें सरस निबन्ध दिये गये हैं।
Additional information
| Language | Hindi |
|---|---|
| Writer | Gita Press Gorakhpur |





