सत्संगके बिखरे मोती पुस्तकाकार—इस पुस्तकमें नित्यलीलालीन
श्रद्धेय भाईजी श्रीहनुमानप्रसादजी पोद्दारके द्वारा प्रणीत भक्ति, वैराग्य,
सदाचार, सन्त-महिमा, भगवत्प्रेम-सम्बन्धी सूक्तियोंका संकलन किया गया है।
Additional information
| Language | Hindi |
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| Writer | Shri Hanuman Prasad Ji Poddar |




