Sankshipt Mahabharat – I (Gujarati)

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संक्षिप्त महाभारत ग्रन्थाकार—विश्वके उत्कृष्ट विचारकों,
तत्त्वान्वेषकों, समालोचकोंद्वारा भारतीय ज्ञानके विश्वकोशके रूपमें समादृत
महाभारतकी महिमाका कोई पार नहीं है। इसमें ज्ञान, वैराग्य, भक्तियोग, नीति,
सदाचार, प्राचीन इतिहास, राजनीति, कूटनीति आदि मानव जीवनोपयोगी विविध विषयोंका
समावेश है। यह शास्त्रोंमें पंचम वेदकी मान्यतासे अलंकृत है। सबको इस अगाध
ज्ञानसे परिचित करानेके उद्देश्यसे ही सम्पूर्ण महाभारतका यह सार
गीताप्रेसद्वारा प्रकाशित किया गया है।

Language

Gujarati

Writer

Gita Press Gorakhpur

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SKU: 1798 Category:

संक्षिप्त महाभारत ग्रन्थाकार—विश्वके उत्कृष्ट विचारकों,
तत्त्वान्वेषकों, समालोचकोंद्वारा भारतीय ज्ञानके विश्वकोशके रूपमें समादृत
महाभारतकी महिमाका कोई पार नहीं है। इसमें ज्ञान, वैराग्य, भक्तियोग, नीति,
सदाचार, प्राचीन इतिहास, राजनीति, कूटनीति आदि मानव जीवनोपयोगी विविध विषयोंका
समावेश है। यह शास्त्रोंमें पंचम वेदकी मान्यतासे अलंकृत है। सबको इस अगाध
ज्ञानसे परिचित करानेके उद्देश्यसे ही सम्पूर्ण महाभारतका यह सार
गीताप्रेसद्वारा प्रकाशित किया गया है।

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