Premayoga Ka Tattva (Hindi)

45.00

प्रेमयोगका तत्त्व पुस्तकाकार—इस पुस्तकमें प्रेमका स्वरूप,
श्रद्धा और प्रेम, प्रेम और शरणागति आदि अनेक महत्त्वपूर्ण विषयोंके विशद
विश्लेषणके साथ भगवान् श्रीरामके प्रति महाराज दशरथ, भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न,
सीता, सुतीक्ष्ण आदिके अलौकिक प्रेम-भावका अनुकरणीय आदर्श प्रस्तुत किया गया
है।

Language

Hindi

Writer

Shri Jayadayal Ji Goyendka

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प्रेमयोगका तत्त्व पुस्तकाकार—इस पुस्तकमें प्रेमका स्वरूप,
श्रद्धा और प्रेम, प्रेम और शरणागति आदि अनेक महत्त्वपूर्ण विषयोंके विशद
विश्लेषणके साथ भगवान् श्रीरामके प्रति महाराज दशरथ, भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न,
सीता, सुतीक्ष्ण आदिके अलौकिक प्रेम-भावका अनुकरणीय आदर्श प्रस्तुत किया गया
है।

Additional information

Language

Hindi

Writer

Shri Jayadayal Ji Goyendka