Parmukh Deviyan

25.00

भारतीय
दर्शनकी आदि शक्ति प्रकृति है। यही कारण है कि भारतीय संस्कृतिमें
शक्ति-उपासनाको प्रमुख स्थान दिया गया है। कलिकालमें तो शक्ति-उपासना सद्य:
फलदायी है। इस पुस्तकमें भगवती शक्तिके द्वारा दुर्गा, काली, लक्ष्मी, सरस्वती,
गायत्री, पार्वती, सीता, राधा तथा गङ्ग ाके रूपमें की गयी लीलाओं का सुन्दर
परिचय दिया गया है। भगवतीके प्रत्येक लीला-चरित्रके साथ उनके उपासना योग्य
बहुरंगे चित्रभी दिये गये हैं।

Language

Telugu

Writer

Gita Press Gorakhpur

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भारतीय
दर्शनकी आदि शक्ति प्रकृति है। यही कारण है कि भारतीय संस्कृतिमें
शक्ति-उपासनाको प्रमुख स्थान दिया गया है। कलिकालमें तो शक्ति-उपासना सद्य:
फलदायी है। इस पुस्तकमें भगवती शक्तिके द्वारा दुर्गा, काली, लक्ष्मी, सरस्वती,
गायत्री, पार्वती, सीता, राधा तथा गङ्ग ाके रूपमें की गयी लीलाओं का सुन्दर
परिचय दिया गया है। भगवतीके प्रत्येक लीला-चरित्रके साथ उनके उपासना योग्य
बहुरंगे चित्रभी दिये गये हैं।

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Gita Press Gorakhpur