Om Namah Shivoy (Oriya)

25.00

विशाल भारतके अनेकों स्थानों पर लिङ्ग रूपसे भगवान्शिव की
पूजा-अर्चना होती चली आ रही है। ये स्वल्प उपासनासे प्रसन्न होकर भक्तोंको
मनोवाञ्छित फल प्रदान करते हैं। इस पुस्तकमें भगवान्शिवके द्वाद शज्योतिॢलङ्ग
ोंका सरल परिचय दिया गया है। इसमें ज्योतिॢ लङ्ग ोंके उद्भव-विकास तथा
माहात्म्यका मनोहर विवेचन है। पुस्तकमें द्वादशज्योतिॢलङ्ग ोंका आकर्षक रंगीन
चित्रभी दिया गया है।

Language

Oriya

Writer

Gita Press Gorakhpur

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SKU: 1250 Category:

विशाल भारतके अनेकों स्थानों पर लिङ्ग रूपसे भगवान्शिव की
पूजा-अर्चना होती चली आ रही है। ये स्वल्प उपासनासे प्रसन्न होकर भक्तोंको
मनोवाञ्छित फल प्रदान करते हैं। इस पुस्तकमें भगवान्शिवके द्वाद शज्योतिॢलङ्ग
ोंका सरल परिचय दिया गया है। इसमें ज्योतिॢ लङ्ग ोंके उद्भव-विकास तथा
माहात्म्यका मनोहर विवेचन है। पुस्तकमें द्वादशज्योतिॢलङ्ग ोंका आकर्षक रंगीन
चित्रभी दिया गया है।

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