Nav Durga

25.00

सृष्टि
की आदि शक्ति भगवतीदुर्गाकी धर्मशास्त्रोंमें अतुलनीय महिमा बतलायी गयी है।
नवरात्रके नौ दिनोंमें इनके नौ स्वरूपोंकी उपासनाकी जाती है। इस पुस्तकमें भगवती
दुर्गाके नवों स्वरूपोंके उद्भव, विकास, उपासना तथा उपासनासे प्राप्त होने वाले
फलोंका अत्यन्त सुन्दर वर्णन किया गया है। पुस्तकमें आर्टपेपर पर माँदुर्गाके
नवों स्वरूपोंके आकर्षक तथा रंगीन चित्रभी दिये गये हैं।

Language

Kannada

Writer

Gita Press Gorakhpur

Out of stock

SKU: 1357 Category:

सृष्टि
की आदि शक्ति भगवतीदुर्गाकी धर्मशास्त्रोंमें अतुलनीय महिमा बतलायी गयी है।
नवरात्रके नौ दिनोंमें इनके नौ स्वरूपोंकी उपासनाकी जाती है। इस पुस्तकमें भगवती
दुर्गाके नवों स्वरूपोंके उद्भव, विकास, उपासना तथा उपासनासे प्राप्त होने वाले
फलोंका अत्यन्त सुन्दर वर्णन किया गया है। पुस्तकमें आर्टपेपर पर माँदुर्गाके
नवों स्वरूपोंके आकर्षक तथा रंगीन चित्रभी दिये गये हैं।

Additional information

Language

Kannada

Writer

Gita Press Gorakhpur