Mere To Girdhar Gopal

20.00

मेरे
तो गिरधर गोपाल एवं अलौकिक प्रेम पुस्तकाकार—इस पुस्तकमें कामना, जिज्ञासा और
लालसा, अभेद और अभिन्नता, सच्ची आस्तिकता, अभिमान कैसे छूटे?, साधक, साध्य और
साधन, अक्रियतासे परमात्मप्राप्ति आदि १२ लेखोंके रूपमें ब्रह्मलीन श्रद्धेय
स्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराजके ओजस्वी तथा आध्यात्मिक विचारोंका संकलन है।

Language

Hindi

Writer

Swami Ramsukhdas Ji

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मेरे
तो गिरधर गोपाल एवं अलौकिक प्रेम पुस्तकाकार—इस पुस्तकमें कामना, जिज्ञासा और
लालसा, अभेद और अभिन्नता, सच्ची आस्तिकता, अभिमान कैसे छूटे?, साधक, साध्य और
साधन, अक्रियतासे परमात्मप्राप्ति आदि १२ लेखोंके रूपमें ब्रह्मलीन श्रद्धेय
स्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराजके ओजस्वी तथा आध्यात्मिक विचारोंका संकलन है।

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Language

Hindi

Writer

Swami Ramsukhdas Ji