Manusya Jivan ka Uddesya (Hindi)

0.00

मनुष्य-जीवनका
उद्देश्य पुस्तकाकार—ब्रह्मलीन परम श्रद्धेय श्रीजयदयालजी गोयन्दकाके पुराने
प्रवचनोंसे संकलित इस पुस्तकमें नि:स्वार्थ सेवा, भगवान् के स्वरूपका ध्यान,
विषयोंकी तुच्छता आदि विभिन्न प्रकरणोंके माध्यमसे परमार्थपथकी सुन्दर व्याख्या
की गयी है।

Language

Hindi

Writer

Shri Jayadayal Ji Goyendka

Out of stock

मनुष्य-जीवनका
उद्देश्य पुस्तकाकार—ब्रह्मलीन परम श्रद्धेय श्रीजयदयालजी गोयन्दकाके पुराने
प्रवचनोंसे संकलित इस पुस्तकमें नि:स्वार्थ सेवा, भगवान् के स्वरूपका ध्यान,
विषयोंकी तुच्छता आदि विभिन्न प्रकरणोंके माध्यमसे परमार्थपथकी सुन्दर व्याख्या
की गयी है।

Additional information

Language

Hindi

Writer

Shri Jayadayal Ji Goyendka