Mahattvapurna Chetavani (Hindi)

15.00

महत्त्वूपर्ण चेतावनी पुस्तकाकार—ब्रह्मलीन परम श्रद्धेय
श्रीजयदयालजी गोयन्दका अपने मित्रों और प्रेमियोंको समय-समयपर उनके द्वारा पूछे
गये प्रश्नोंके उत्तरके रूपमें पत्र लिखा करते थे, जिनमें आध्यात्मिक तथा लौकिक
विषयोंका अद्भुत समाधान होता था। प्रस्तुत पुस्तकमें उन आध्यात्मिक पत्रोंका
दुर्लभ संग्रह है।

Language

Hindi

Writer

Shri Jayadayal Ji Goyendka

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महत्त्वूपर्ण चेतावनी पुस्तकाकार—ब्रह्मलीन परम श्रद्धेय
श्रीजयदयालजी गोयन्दका अपने मित्रों और प्रेमियोंको समय-समयपर उनके द्वारा पूछे
गये प्रश्नोंके उत्तरके रूपमें पत्र लिखा करते थे, जिनमें आध्यात्मिक तथा लौकिक
विषयोंका अद्भुत समाधान होता था। प्रस्तुत पुस्तकमें उन आध्यात्मिक पत्रोंका
दुर्लभ संग्रह है।

Additional information

Language

Hindi

Writer

Shri Jayadayal Ji Goyendka