कूर्मपुराण
ग्रन्थाकार—इस पुराणमें भगवान् के कूर्मावतारकी कथा, सृष्टि-वर्णन, वर्ण, आश्रम
और उनके कर्तव्योंका वर्णन, युगधर्म, मोक्षके साधन, २८ व्यासोंकी कथाएँ आदि
विविध विषयोंका सुन्दर प्रतिपादन किया गया है।
Additional information
| Language | Hindi |
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| Writer | Gita Press Gorakhpur |





