Kenopanishad

25.00

केनोपनिषद्
पुस्तकाकार—सामवेदीय तलवकार ब्राह्मïणके अन्तर्गत वॢणत इस उपनिषद्में भगवान्के
स्वरूप और प्रभाव-वर्णनके साथ परमार्थ ज्ञानकी अनिर्वचनीयता, अभेदोपासनातथा
यक्षोपाख्यानमें भगवान्का सर्वप्रेरकत्व एवं सर्वकर्तृत्व स्वरूप दर्शनीय है।

Language

Hindi

Writer

Gita Press Gorakhpur

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केनोपनिषद्
पुस्तकाकार—सामवेदीय तलवकार ब्राह्मïणके अन्तर्गत वॢणत इस उपनिषद्में भगवान्के
स्वरूप और प्रभाव-वर्णनके साथ परमार्थ ज्ञानकी अनिर्वचनीयता, अभेदोपासनातथा
यक्षोपाख्यानमें भगवान्का सर्वप्रेरकत्व एवं सर्वकर्तृत्व स्वरूप दर्शनीय है।

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