Kalyana Prapti Ke Upaya – Tattva Chintamani Vol. 1

35.00

तत्त्व-चिन्तामणि ग्रन्थाकार—अलग-अलग सात भागों तथा विभिन्न
शीर्षकोंकी तेरह पुस्तकोंमें पूर्व प्रकाशित सरल एवं व्यावहारिक शिक्षाप्रद
लेखोंके इस ग्रन्थाकार संकलनमें गीता-रामायण आदि ग्रन्थोंके सार तत्त्वोंका
संग्रह है। यह प्रत्येक घरमें अवश्य रखने एवं उपहारमें देनेयोग्य एक कल्याणकारी
ग्रन्थ है।

Language

Hindi

Writer

Shri Jayadayal Ji Goyendka

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तत्त्व-चिन्तामणि ग्रन्थाकार—अलग-अलग सात भागों तथा विभिन्न
शीर्षकोंकी तेरह पुस्तकोंमें पूर्व प्रकाशित सरल एवं व्यावहारिक शिक्षाप्रद
लेखोंके इस ग्रन्थाकार संकलनमें गीता-रामायण आदि ग्रन्थोंके सार तत्त्वोंका
संग्रह है। यह प्रत्येक घरमें अवश्य रखने एवं उपहारमें देनेयोग्य एक कल्याणकारी
ग्रन्थ है।

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Hindi

Writer

Shri Jayadayal Ji Goyendka