Jivancharya-Vigyan (Gujarati)

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प्रस्तुत पुस्तक सर्वसाधारणको शास्त्रोक्त शुभकर्मोंमें प्रवृत्त
करनेकी दृष्टिसे एक वीतराग महात्मास्वामी श्रीशंकरानन्दजी सरस्वती द्वारा लिखी
गयी है। इसमें वैदिक-जीवनचर्याका विवेचन अत्यन्त सरल शब्दोंमें प्रस्तुत किया
गया है,  जो वास्तवमें शास्त्राज्ञा है
और आधुनिक जन सामान्यके लिये भी पूर्णत: बोध गम्य है।

Language

Gujarati

Writer

Gita Press Gorakhpur

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SKU: 2023 Category:

प्रस्तुत पुस्तक सर्वसाधारणको शास्त्रोक्त शुभकर्मोंमें प्रवृत्त
करनेकी दृष्टिसे एक वीतराग महात्मास्वामी श्रीशंकरानन्दजी सरस्वती द्वारा लिखी
गयी है। इसमें वैदिक-जीवनचर्याका विवेचन अत्यन्त सरल शब्दोंमें प्रस्तुत किया
गया है,  जो वास्तवमें शास्त्राज्ञा है
और आधुनिक जन सामान्यके लिये भी पूर्णत: बोध गम्य है।

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Language

Gujarati

Writer

Gita Press Gorakhpur