Jivancharya-Vigyan (Gujarati)
₹40.00
प्रस्तुत पुस्तक सर्वसाधारणको शास्त्रोक्त शुभकर्मोंमें प्रवृत्त
करनेकी दृष्टिसे एक वीतराग महात्मास्वामी श्रीशंकरानन्दजी सरस्वती द्वारा लिखी
गयी है। इसमें वैदिक-जीवनचर्याका विवेचन अत्यन्त सरल शब्दोंमें प्रस्तुत किया
गया है, जो वास्तवमें शास्त्राज्ञा है
और आधुनिक जन सामान्यके लिये भी पूर्णत: बोध गम्य है।
| Language | Gujarati |
|---|---|
| Writer | Gita Press Gorakhpur |
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प्रस्तुत पुस्तक सर्वसाधारणको शास्त्रोक्त शुभकर्मोंमें प्रवृत्त
करनेकी दृष्टिसे एक वीतराग महात्मास्वामी श्रीशंकरानन्दजी सरस्वती द्वारा लिखी
गयी है। इसमें वैदिक-जीवनचर्याका विवेचन अत्यन्त सरल शब्दोंमें प्रस्तुत किया
गया है, जो वास्तवमें शास्त्राज्ञा है
और आधुनिक जन सामान्यके लिये भी पूर्णत: बोध गम्य है।
Additional information
| Language | Gujarati |
|---|---|
| Writer | Gita Press Gorakhpur |





