Jeevan Mein Naya Prakash (Hindi)

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मनुष्य-जीवन
शुद्ध अर्थोंमें मनुष्यही बननेके लिये है। डॉ० रामचरण महेन्द्रके द्वारा प्रणीत
यह पुस्तक जीवनमें नवीन चेतना का सञ्चार करने वाली आशावादी विचारों का अनुपमकोश
है। इसमें आप अमृत-संतान हैं,  आशाकी
जीवन-ज्योति, एक रहस्यकी बात, व्यवहार का उपहार, हमने मौत को टाला है आदि ४२
निबन्धोंका सुन्दर संकलन है।

Language

Hindi

Writer

Gita Press Gorakhpur

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मनुष्य-जीवन
शुद्ध अर्थोंमें मनुष्यही बननेके लिये है। डॉ० रामचरण महेन्द्रके द्वारा प्रणीत
यह पुस्तक जीवनमें नवीन चेतना का सञ्चार करने वाली आशावादी विचारों का अनुपमकोश
है। इसमें आप अमृत-संतान हैं,  आशाकी
जीवन-ज्योति, एक रहस्यकी बात, व्यवहार का उपहार, हमने मौत को टाला है आदि ४२
निबन्धोंका सुन्दर संकलन है।

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Gita Press Gorakhpur