जीवनका
सत्य पुस्तकाकार—शरीर और संसारसे ममता हट जानेपर अपने-आप तत्त्वका अनुभव हो जाता
है। प्रस्तुत पुस्तकमें तत्त्वज्ञानके गूढ़ रहस्योंका अत्यन्त सरल भाषामें बोध
कराया गया है।
Additional information
| Language | Gujarati |
|---|---|
| Writer | Swami Ramsukhdas Ji |
जीवनका
सत्य पुस्तकाकार—शरीर और संसारसे ममता हट जानेपर अपने-आप तत्त्वका अनुभव हो जाता
है। प्रस्तुत पुस्तकमें तत्त्वज्ञानके गूढ़ रहस्योंका अत्यन्त सरल भाषामें बोध
कराया गया है।
| Language | Gujarati |
|---|---|
| Writer | Swami Ramsukhdas Ji |