Hindi-Angreji Varnmala
₹35.00
भारतीय
संस्कृति और सभ्यताके उत्कृष्ट संवाहक,
संस्कारवान् एवं सच्चरित्र बालकोंका निर्माण।इस उद्देश्यकी सिद्धिके लिये यहाँसे
सतत बालोपयोगी सत्साहित्यका सृजन एवं प्रकाशन होता रहता है। इसपुस्तकमें
सम्पूर्ण वर्णमाला रंगीन बहुरंगे चित्रोंके साथ दी गयी है और प्रत्येक अक्षरके
साथ दो वस्तुओंके रंगीन चित्र दिये गये हैं। चित्रोंमें उन्हीं वस्तुओंका ज्ञान
कराया गया है जिनसे बच्चोंके मनपर अच्छे संस्कार पडें़और उनके मस्तिष्कका सही
दिशामें विकास हो। पुस्तकके प्रारम्भमें भगवान्की सुन्दर प्रार्थना तथा अन्तमें
स्वर, स्वरोंकी पहचान, हिन्दी वर्णमाला, व्यंजनोंकी पहचान, अंग्रेजी वर्णमाला
एवं एक से सौ तक गिनती दी गयी है।
| Language | Hindi |
|---|---|
| Writer | Gita Press Gorakhpur |
Out of stock
भारतीय
संस्कृति और सभ्यताके उत्कृष्ट संवाहक,
संस्कारवान् एवं सच्चरित्र बालकोंका निर्माण।इस उद्देश्यकी सिद्धिके लिये यहाँसे
सतत बालोपयोगी सत्साहित्यका सृजन एवं प्रकाशन होता रहता है। इसपुस्तकमें
सम्पूर्ण वर्णमाला रंगीन बहुरंगे चित्रोंके साथ दी गयी है और प्रत्येक अक्षरके
साथ दो वस्तुओंके रंगीन चित्र दिये गये हैं। चित्रोंमें उन्हीं वस्तुओंका ज्ञान
कराया गया है जिनसे बच्चोंके मनपर अच्छे संस्कार पडें़और उनके मस्तिष्कका सही
दिशामें विकास हो। पुस्तकके प्रारम्भमें भगवान्की सुन्दर प्रार्थना तथा अन्तमें
स्वर, स्वरोंकी पहचान, हिन्दी वर्णमाला, व्यंजनोंकी पहचान, अंग्रेजी वर्णमाला
एवं एक से सौ तक गिनती दी गयी है।
Additional information
| Language | Hindi |
|---|---|
| Writer | Gita Press Gorakhpur |





