गुरु
तथा माता-पिताकी भक्ति भारतीय संस्कृति का प्रधान अंग है। इस पुस्तकमें बालक
आरुणि, बालकउपमन्यु, श्रीगणेशजी, श्रवणकुमार, बालक भीष्म आदि १९ बालकोंका सुन्दर
चरित्र संगृहीत है।
Additional information
| Language | Gujarati |
|---|---|
| Writer | Gita Press Gorakhpur |
गुरु
तथा माता-पिताकी भक्ति भारतीय संस्कृति का प्रधान अंग है। इस पुस्तकमें बालक
आरुणि, बालकउपमन्यु, श्रीगणेशजी, श्रवणकुमार, बालक भीष्म आदि १९ बालकोंका सुन्दर
चरित्र संगृहीत है।
| Language | Gujarati |
|---|---|
| Writer | Gita Press Gorakhpur |