Gitavyakaranam (Sanskrit)

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गीताव्याकरणम्  —प्रस्तुत
पुस्तकमें श्रीवरदराजकी पद्धतिका अनुसरण करते हुए श्रीमद् भगवद् गीताके
प्रयोगोंसे पाणिनीय शैलीके आधारपर संस्कृत व्याकरण समझने तथा समझानेका प्रयास
किया गया है। इसमें वरदराजकृत लघुसिद्धान्तकौमुदीके क्रमानुसार शब्द, प्रयोग तथा
उदाहरण श्रीमद् भगवद् गीतासे उद्धृत किये गये हैं, उद्देश्य यह है कि पाणिनीय
पद्धतिके अनुसार श्रीमद् भगवद् गीताको व्याकरणकी दृष्टिसे देखा जाय, जिससे
शब्दार्थ-ज्ञानमें सरलता और सत्यता आ सके।

Language

Sanskrit

Writer

Gita Press Gorakhpur

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SKU: 2042 Category:

गीताव्याकरणम्  —प्रस्तुत
पुस्तकमें श्रीवरदराजकी पद्धतिका अनुसरण करते हुए श्रीमद् भगवद् गीताके
प्रयोगोंसे पाणिनीय शैलीके आधारपर संस्कृत व्याकरण समझने तथा समझानेका प्रयास
किया गया है। इसमें वरदराजकृत लघुसिद्धान्तकौमुदीके क्रमानुसार शब्द, प्रयोग तथा
उदाहरण श्रीमद् भगवद् गीतासे उद्धृत किये गये हैं, उद्देश्य यह है कि पाणिनीय
पद्धतिके अनुसार श्रीमद् भगवद् गीताको व्याकरणकी दृष्टिसे देखा जाय, जिससे
शब्दार्थ-ज्ञानमें सरलता और सत्यता आ सके।

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Gita Press Gorakhpur