भगवान्गणेशकी
प्रथम पूजाजगत्-प्रसिद्ध है। वे सभी विघ्नोंका विनाश करने वाले और सिद्धियोंके
प्रदाता हैं। इस पुस्तकमें गणेशजी के उपासक भक्तोंकी सुविधा हेतु
गणेशसहस्रनामस्तोत्रका प्रकाशन किया गया है।
Additional information
| Language | Sanskrit |
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| Writer | Gita Press Gorakhpur |





