इसपुस्तकमें ब्रह्मलीन श्रद्धेयस्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराजके
अन्तिम प्रवचन, विचार एवं उनके शरीरान्तके बाद उनकी वसीयतमें लिखे पालनीय कर्म
का वर्णन है।
Additional information
| Language | Assamiya |
|---|---|
| Writer | Swami Ramsukhdas Ji |
इसपुस्तकमें ब्रह्मलीन श्रद्धेयस्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराजके
अन्तिम प्रवचन, विचार एवं उनके शरीरान्तके बाद उनकी वसीयतमें लिखे पालनीय कर्म
का वर्णन है।
| Language | Assamiya |
|---|---|
| Writer | Swami Ramsukhdas Ji |