Dwadash Jyotirling Mahima (Telugu)

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विशाल भारतके अनेकों स्थानों पर लिङ्ग रूपसे भगवान्शिव की
पूजा-अर्चना होती चली आ रही है। ये स्वल्पउपासनासे प्रसन्न होकर भक्तोंको
मनोवाञ्छित फल प्रदान करते हैं। इस पुस्तकमें भगवान्शिवके द्वादश ज्योतिॢलङ्ग
ोंका सरल परिचय दिया गया है। इसमें ज्योतिॢलङ्ग ोंके उद्भव-विकास तथा
माहात्म्यका मनोहर विवेचन है। पुस्तक में द्वादश ज्योतिॢलङ्ग ोंका आकर्षक रंगीन
चित्रभी दिया गया है।

Language

Telugu

Writer

Gita Press Gorakhpur

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विशाल भारतके अनेकों स्थानों पर लिङ्ग रूपसे भगवान्शिव की
पूजा-अर्चना होती चली आ रही है। ये स्वल्पउपासनासे प्रसन्न होकर भक्तोंको
मनोवाञ्छित फल प्रदान करते हैं। इस पुस्तकमें भगवान्शिवके द्वादश ज्योतिॢलङ्ग
ोंका सरल परिचय दिया गया है। इसमें ज्योतिॢलङ्ग ोंके उद्भव-विकास तथा
माहात्म्यका मनोहर विवेचन है। पुस्तक में द्वादश ज्योतिॢलङ्ग ोंका आकर्षक रंगीन
चित्रभी दिया गया है।

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Language

Telugu

Writer

Gita Press Gorakhpur