मानव मात्रको भयंकर पापोंसे बचाने के उद्देश्यसे लिखी गयी पाप और
उनके परिणामों की सुन्दर व्याख्या।
Additional information
| Language | Hindi |
|---|---|
| Writer | Swami Ramsukhdas Ji |
मानव मात्रको भयंकर पापोंसे बचाने के उद्देश्यसे लिखी गयी पाप और
उनके परिणामों की सुन्दर व्याख्या।
| Language | Hindi |
|---|---|
| Writer | Swami Ramsukhdas Ji |