Desh Ki Vartaman Dasha Tatha Uska Parinam (Kannada)

5.00

देशकी वर्तमान दशा तथा उसका परिणाम पुस्तकाकार—आसन्न विनाशकी तरफ
उन्मुख समाजकी पतनोन्मुखी धारणा—जिसमें पशुओंके विनाशको मांस उत्पादन;
मर्यादा-नाशको नारी स्वतन्त्रता, नैतिक-पतनको उन्नति तथा ‘भ्रूण-हत्या’ को पाप न
मानने-जैसी भ्रामक मान्यता हो गयी है। ब्रह्मलीन श्रद्धेय स्वामी
श्रीरामसुखदासजी महाराजने इस पुस्तकमें उस मान्यतापर कठोर प्रहार करते हुए
गृहस्थ-जीवनका सच्चा आदर्श प्रस्तुत किया है।

Language

Kannada

Writer

Swami Ramsukhdas Ji

Out of stock

देशकी वर्तमान दशा तथा उसका परिणाम पुस्तकाकार—आसन्न विनाशकी तरफ
उन्मुख समाजकी पतनोन्मुखी धारणा—जिसमें पशुओंके विनाशको मांस उत्पादन;
मर्यादा-नाशको नारी स्वतन्त्रता, नैतिक-पतनको उन्नति तथा ‘भ्रूण-हत्या’ को पाप न
मानने-जैसी भ्रामक मान्यता हो गयी है। ब्रह्मलीन श्रद्धेय स्वामी
श्रीरामसुखदासजी महाराजने इस पुस्तकमें उस मान्यतापर कठोर प्रहार करते हुए
गृहस्थ-जीवनका सच्चा आदर्श प्रस्तुत किया है।

Additional information

Language

Kannada

Writer

Swami Ramsukhdas Ji