Bhakti Sudha (Hindi)
₹300.00
प्रस्तुत
पुस्तकके प्रणेता ब्रह्मलीन अनन्त श्रीविभूषित धर्म सम्राट् स्वामी श्रीहरिहरानन्दजी सरस्वती (करपात्रीजी
महाराज) हैं। पुस्तक चार भागोंमें विभाजित है। इसके प्रथम भागमें श्रीकृष्णजन्म,
बाललीला, वेणुगीत, चीरहरण, रासलीला आदि का विशद विवेचन है। द्वितीय भागमें
देवोपासनातत्त्व, गायत्री-तत्त्व, शक्तिका स्वरूप, शक्ति पीठ-रहस्य,
रामजन्म-रहस्य आदिका तात्त्विक विवेचन है। इसके तृतीय भागमें भगवत्प्राप्ति,
नामरूपकी उपयोगिता, मानसी आराधना, भगवत्कथा मृत आदि विविध विषयों परमाॢमक विवेचन
है एवं चतुर्थ भागमें वेदान्त रससार एवं सर्व सिद्धान्त-समन्वय है।
| Language | Hindi |
|---|---|
| Writer | Gita Press Gorakhpur |
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प्रस्तुत
पुस्तकके प्रणेता ब्रह्मलीन अनन्त श्रीविभूषित धर्म सम्राट् स्वामी श्रीहरिहरानन्दजी सरस्वती (करपात्रीजी
महाराज) हैं। पुस्तक चार भागोंमें विभाजित है। इसके प्रथम भागमें श्रीकृष्णजन्म,
बाललीला, वेणुगीत, चीरहरण, रासलीला आदि का विशद विवेचन है। द्वितीय भागमें
देवोपासनातत्त्व, गायत्री-तत्त्व, शक्तिका स्वरूप, शक्ति पीठ-रहस्य,
रामजन्म-रहस्य आदिका तात्त्विक विवेचन है। इसके तृतीय भागमें भगवत्प्राप्ति,
नामरूपकी उपयोगिता, मानसी आराधना, भगवत्कथा मृत आदि विविध विषयों परमाॢमक विवेचन
है एवं चतुर्थ भागमें वेदान्त रससार एवं सर्व सिद्धान्त-समन्वय है।
Additional information
| Language | Hindi |
|---|---|
| Writer | Gita Press Gorakhpur |





