Bhajana Sangraha (Hindi)

60.00

इस
पुस्तकमें साधकों के मनको प्रभु-लीलामें तन्मयताके उद्देश्य से गोस्वामी
श्रीतुलसीदासजी, मीराबाई, श्रीसूरदासजी आदि छाछठ भक्त सन्तोंके भजनोंका संकलन
किया गया है। पुस्तकके अन्तमें नित्यलीला लीन भाईजी श्रीहनुमान प्रसादजी
पोद्दारके पदोंका संग्रह है।

Language

Hindi

Writer

Gita Press Gorakhpur

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इस
पुस्तकमें साधकों के मनको प्रभु-लीलामें तन्मयताके उद्देश्य से गोस्वामी
श्रीतुलसीदासजी, मीराबाई, श्रीसूरदासजी आदि छाछठ भक्त सन्तोंके भजनोंका संकलन
किया गया है। पुस्तकके अन्तमें नित्यलीला लीन भाईजी श्रीहनुमान प्रसादजी
पोद्दारके पदोंका संग्रह है।

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Language

Hindi

Writer

Gita Press Gorakhpur