Bhajan-Sankirtanavali (Telugu)

30.00

भक्तोंके लिये भजनों का महत्त्व अमृत-तुल्य है। भगवत्प्रेममें
उन्मत्त प्रेमी का मन अनेक प्रकारके भाव-तरंगोंसे अनुप्राणित होकर भजन बन जाता
है। प्रस्तुत पुस्तकमें इन्हीं भावतरंगों की सहज माधुरीको समेटकर यह संग्रह निवेदन, भगवद्-वियोग, लीला गान आदि शीर्ष कों में प्रकाशित
किया गया है।

Language

Telugu

Writer

Gita Press Gorakhpur

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भक्तोंके लिये भजनों का महत्त्व अमृत-तुल्य है। भगवत्प्रेममें
उन्मत्त प्रेमी का मन अनेक प्रकारके भाव-तरंगोंसे अनुप्राणित होकर भजन बन जाता
है। प्रस्तुत पुस्तकमें इन्हीं भावतरंगों की सहज माधुरीको समेटकर यह संग्रह निवेदन, भगवद्-वियोग, लीला गान आदि शीर्ष कों में प्रकाशित
किया गया है।

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Telugu

Writer

Gita Press Gorakhpur