Bhaj Govindam (Assamiya)

4.00

इस पुस्तकमें श्रद्धालु प्रेमियोंके नित्यपाठ हेतु श्रीबिल्वमंगल
विर चित गोविन्द-दामोदर स्तोत्रके मूलके साथ सन्त प्रभु दत्तब्रह्म चारी कृत सरस
हिन्दी-अनुवाद प्रकाशित किया गया है। पुस्तक के अन्तमें मधुराष्ट क तथा
श्रीकृष्ण-सौन्दर्य-वैभवभी दिया गया है।

Language

Assamiya

Writer

Gita Press Gorakhpur

Out of stock

इस पुस्तकमें श्रद्धालु प्रेमियोंके नित्यपाठ हेतु श्रीबिल्वमंगल
विर चित गोविन्द-दामोदर स्तोत्रके मूलके साथ सन्त प्रभु दत्तब्रह्म चारी कृत सरस
हिन्दी-अनुवाद प्रकाशित किया गया है। पुस्तक के अन्तमें मधुराष्ट क तथा
श्रीकृष्ण-सौन्दर्य-वैभवभी दिया गया है।

Additional information

Language

Assamiya

Writer

Gita Press Gorakhpur