Bhagwan Surya (Bangla)
₹35.00
भारतमें
सूर्योपासनाका इतिहास अत्यन्त प्राचीन है। गणेश, शिव, शक्ति, विष्णु
आदिपुराण-प्रसिद्ध देवताओंमें भगवान्सूर्य देव अन्यतम हैं। पुराणोंमें
द्वादशमासादित्योंके रूपमें भगवान्सूर्य के बारहस्वरूपोंकी सुन्दर चर्चा है। इस
पुस्तकमें मासादित्योंके रूपमें भगवान्सूर्यके बारह स्वरूपोंके अलग-अलगध्यान,
परिचय, लीलाकथा तथा व्रतादिका सरल भाषामें सुन्दर चित्रण किया गया है। प्रत्येक
मासादित्य-परिचयके बायें पृष्ठ पर सुन्दर आर्टपेपर पर शास्त्रीय नियमोंके अनुसार
बनवाये गये उनके उपासना योग्य आकर्षक चित्रभी दिये गये हैं। पुस्तकके अन्तमें
सूर्यस्तोत्र भी संगृहीत है।
| Language | Bangla |
|---|---|
| Writer | Gita Press Gorakhpur |
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भारतमें
सूर्योपासनाका इतिहास अत्यन्त प्राचीन है। गणेश, शिव, शक्ति, विष्णु
आदिपुराण-प्रसिद्ध देवताओंमें भगवान्सूर्य देव अन्यतम हैं। पुराणोंमें
द्वादशमासादित्योंके रूपमें भगवान्सूर्य के बारहस्वरूपोंकी सुन्दर चर्चा है। इस
पुस्तकमें मासादित्योंके रूपमें भगवान्सूर्यके बारह स्वरूपोंके अलग-अलगध्यान,
परिचय, लीलाकथा तथा व्रतादिका सरल भाषामें सुन्दर चित्रण किया गया है। प्रत्येक
मासादित्य-परिचयके बायें पृष्ठ पर सुन्दर आर्टपेपर पर शास्त्रीय नियमोंके अनुसार
बनवाये गये उनके उपासना योग्य आकर्षक चित्रभी दिये गये हैं। पुस्तकके अन्तमें
सूर्यस्तोत्र भी संगृहीत है।
Additional information
| Language | Bangla |
|---|---|
| Writer | Gita Press Gorakhpur |





