इस
पुस्तिकामें प्रेमी भक्त भाई लारेन्सके चार भाषण और पन्द्रह पत्रोंका संग्रह है।
इसमें भगवान्पर विश्वास-सम्बन्धी महत्त्वपूर्ण अनुभवों और साधनोंका बड़ा ही
सुन्दर चित्रण किया गया है।
Additional information
| Language | Hindi |
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| Writer | Shri Jayadayal Ji Goyendka |





