भगवान् कैसे मिलें?
पुस्तकाकार—सन् १९४९ में ब्रह्मलीन परम
श्रद्धेय श्रीजयदयालजी गोयन्दकाके द्वारा गीताभवन, ऋषिकेशमें विभिन्न कल्याणकारी
विषयोंपर दिये गये प्रेरक प्रवचनोंका अनुपम संकलन।
Additional information
| Language | Marathi |
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| Writer | Shri Jayadayal Ji Goyendka |





