Balak ki Dincharya (Hindi)

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इसपुस्तकमें बालकों को दैनिक व्यवहार से परिचित कराया गया है। १८
पाठोंमें विभक्त इस पुस्तकमें प्रात: जागरणसे लेकर सायं काल तकके नियमित
क्रिया-कलापकी सुन्दर रूप रेखा प्रस्तुत की गयी है। इसके अतिरिक्त इसमें
स्वास्थ्यके नियमोंके ज्ञानके साथ उनके अनुसार जीवन बनाने की प्रेरणा दी गयी है।

Language

Hindi

Writer

Gita Press Gorakhpur

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इसपुस्तकमें बालकों को दैनिक व्यवहार से परिचित कराया गया है। १८
पाठोंमें विभक्त इस पुस्तकमें प्रात: जागरणसे लेकर सायं काल तकके नियमित
क्रिया-कलापकी सुन्दर रूप रेखा प्रस्तुत की गयी है। इसके अतिरिक्त इसमें
स्वास्थ्यके नियमोंके ज्ञानके साथ उनके अनुसार जीवन बनाने की प्रेरणा दी गयी है।

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Writer

Gita Press Gorakhpur