Awashyak Shiksha (Gujarati)

10.00

प्रस्तुत
पुस्तकमें ब्रह्मलीन श्रद्धेयस्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराजने विद्या प्राप्त
करने की कला एवं विद्याॢथयों-हेतु पालनीय नियमोंका प्रश्नोत्तर शैलीमें बड़ाही
सुन्दर विश्लेषण किया है। इसके अतिरिक्त इसमें सन्तानके कर्तव्य और आहार-शुद्धि
पर भी विवेचन है।

Language

Gujarati

Writer

Swami Ramsukhdas Ji

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प्रस्तुत
पुस्तकमें ब्रह्मलीन श्रद्धेयस्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराजने विद्या प्राप्त
करने की कला एवं विद्याॢथयों-हेतु पालनीय नियमोंका प्रश्नोत्तर शैलीमें बड़ाही
सुन्दर विश्लेषण किया है। इसके अतिरिक्त इसमें सन्तानके कर्तव्य और आहार-शुद्धि
पर भी विवेचन है।

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Language

Gujarati

Writer

Swami Ramsukhdas Ji