Anandmaya Jeevan

30.00

मनुष्य
अपने – आपमें एक दैवीशक्ति-सम्पन्न आत्मा है। उसके कण-कणमें आनन्दका दिव्य
प्रवाह है। डॉ० रामचरण महेन्द्रके ओजस्वी विचारोंके रूप में संकलित यह पुस्तक
आध्यात्मिक पथकी परिचायिका तथा मानव-जीवनमें आनन्दमय वातावरण को विकसित करने
वाली है।

Language

Hindi

Writer

Gita Press Gorakhpur

Out of stock

SKU: 120 Category:

मनुष्य
अपने - आपमें एक दैवीशक्ति-सम्पन्न आत्मा है। उसके कण-कणमें आनन्दका दिव्य
प्रवाह है। डॉ० रामचरण महेन्द्रके ओजस्वी विचारोंके रूप में संकलित यह पुस्तक
आध्यात्मिक पथकी परिचायिका तथा मानव-जीवनमें आनन्दमय वातावरण को विकसित करने
वाली है।

Additional information

Language

Hindi

Writer

Gita Press Gorakhpur