Jeevancharya Vigyan (Hindi)
₹60.00
प्रस्तुत
पुस्तक सर्वसाधारणको शास्त्रोक्त शुभकर्मोंमें प्रवृत्त करने की दृष्टिसे एक
वीतराग महात्मा स्वामी श्रीशंकरानन्दजी सरस्वती द्वारा लिखी गयी है। इसमें
वैदिक-जीवन चर्याका विवेचन अत्यन्त सरल शब्दोंमें प्रस्तुत किया गया है, जो
वास्तवमें शास्त्राज्ञा है और आधुनिक जनसामान्यके लिये भी पूर्णत: बोध गम्य है।
| Language | Hindi |
|---|---|
| Writer | Gita Press Gorakhpur |
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प्रस्तुत
पुस्तक सर्वसाधारणको शास्त्रोक्त शुभकर्मोंमें प्रवृत्त करने की दृष्टिसे एक
वीतराग महात्मा स्वामी श्रीशंकरानन्दजी सरस्वती द्वारा लिखी गयी है। इसमें
वैदिक-जीवन चर्याका विवेचन अत्यन्त सरल शब्दोंमें प्रस्तुत किया गया है, जो
वास्तवमें शास्त्राज्ञा है और आधुनिक जनसामान्यके लिये भी पूर्णत: बोध गम्य है।
Additional information
| Language | Hindi |
|---|---|
| Writer | Gita Press Gorakhpur |





