JIVAN-SANJIVANI (Hindi)

70.00

जीवन-संजीवनी—प्रस्तुत
पुस्तक श्रीमद्भागवतके लगभग सभी प्रसंगोंकी मौलिक तथा सार्वभौमिक प्रस्तुति है।
श्रीमद्भागवत भक्ति, ज्ञान, वैराग्य तथा जीवन जीनेकी कलाका अथाह सागर है। इस
पुस्तकमें मानव-जीवनके सर्वतोमुखी विकासके लिये तथा निष्काम कर्मयोग, भक्ति और
ज्ञानके प्रकाशके लिये श्रीमद्भागवतके जीवन-सूत्रोंको कथानकोंके माध्यमसे बताया
गया है तथा श्रीमद्भागवतके सभी प्रसंगोंकी अभिनव व्याख्या प्रस्तुत की गयी है।
यह पुस्तक श्रीमद्भागवतके अध्येताओं एवं सर्व-सामान्यके लिये नित्य मननीय और
संग्रहणीय है।

Language

Hindi

Writer

Gita Press Gorakhpur

Out of stock

SKU: 1927 Category:

जीवन-संजीवनी—प्रस्तुत
पुस्तक श्रीमद्भागवतके लगभग सभी प्रसंगोंकी मौलिक तथा सार्वभौमिक प्रस्तुति है।
श्रीमद्भागवत भक्ति, ज्ञान, वैराग्य तथा जीवन जीनेकी कलाका अथाह सागर है। इस
पुस्तकमें मानव-जीवनके सर्वतोमुखी विकासके लिये तथा निष्काम कर्मयोग, भक्ति और
ज्ञानके प्रकाशके लिये श्रीमद्भागवतके जीवन-सूत्रोंको कथानकोंके माध्यमसे बताया
गया है तथा श्रीमद्भागवतके सभी प्रसंगोंकी अभिनव व्याख्या प्रस्तुत की गयी है।
यह पुस्तक श्रीमद्भागवतके अध्येताओं एवं सर्व-सामान्यके लिये नित्य मननीय और
संग्रहणीय है।

Additional information

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Hindi

Writer

Gita Press Gorakhpur