Rajaram (patrika)

0.00

श्रीराम-चित्र कथाका यह तीसरा भाग भगवान्रामके अनुपम गुणों तथा
त्यागमय चरित्र का सुन्दर उदाहरण है। चित्र कथाके इस भागमें श्री भरतको
पादुका-दानसे लेकर श्रीराम-राज्याभिषेक तक की चुनी हुई सत्रह सुन्दर लीलाओंका
अनोखा संगम है। प्रत्येक कथाके साथ उससे सम्बन्धित आकर्षक चित्र भी दिये गये
हैं। जीवनमें आदर्श चरित्र की प्रतिष्ठ ा तथा बालकोंको चरित्र वान्बनाने की
दृष्टि  से इसका स्वाध्याय तथा संग्रह
करना चाहिये।

Language

Kannada

Writer

Gita Press Gorakhpur

Out of stock

SKU: 1826 Category:

श्रीराम-चित्र कथाका यह तीसरा भाग भगवान्रामके अनुपम गुणों तथा
त्यागमय चरित्र का सुन्दर उदाहरण है। चित्र कथाके इस भागमें श्री भरतको
पादुका-दानसे लेकर श्रीराम-राज्याभिषेक तक की चुनी हुई सत्रह सुन्दर लीलाओंका
अनोखा संगम है। प्रत्येक कथाके साथ उससे सम्बन्धित आकर्षक चित्र भी दिये गये
हैं। जीवनमें आदर्श चरित्र की प्रतिष्ठ ा तथा बालकोंको चरित्र वान्बनाने की
दृष्टि  से इसका स्वाध्याय तथा संग्रह
करना चाहिये।

Additional information

Language

Kannada

Writer

Gita Press Gorakhpur