Gopal (Marathi)

15.00

भगवान्श्रीकृष्णकी बाल-लीलाएँ परम मंगलमयी तथा अमृत स्वरूप हैं। इस
पुस्तकमें भगवान्श्रीकृष्णके द्वारा बलरामकी यशोदाके समक्ष शिकायतसे लेकर
वत्सासुर-उद्धार तक की नौ बाललीलाओंका सरल भाषामें सुन्दर वर्णन किया गया है।
पुस्तकमें प्रत्येक बाललीलाका बहुरंगा आकर्षक चित्र भी दिया गया है।

Language

Marathi

Writer

Gita Press Gorakhpur

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SKU: 1811 Category:

भगवान्श्रीकृष्णकी बाल-लीलाएँ परम मंगलमयी तथा अमृत स्वरूप हैं। इस
पुस्तकमें भगवान्श्रीकृष्णके द्वारा बलरामकी यशोदाके समक्ष शिकायतसे लेकर
वत्सासुर-उद्धार तक की नौ बाललीलाओंका सरल भाषामें सुन्दर वर्णन किया गया है।
पुस्तकमें प्रत्येक बाललीलाका बहुरंगा आकर्षक चित्र भी दिया गया है।

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Language

Marathi

Writer

Gita Press Gorakhpur