Shernagati (Bangla)

0.00

सच्चेहृदयसे भगवच्छरणा-गतिकी स्वीकृति होजाने पर चिन्ता, भय, शोक
आदि दोषोंका अपने-आप उप शमनहो जाता है—इस दिव्य भावको दृढ़कराने वाला ब्रह्मलीन
श्रद्धेयस्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराज कृत एक सुन्दर विवेचन।

Language

Bangla

Writer

Swami Ramsukhdas Ji

Out of stock

सच्चेहृदयसे भगवच्छरणा-गतिकी स्वीकृति होजाने पर चिन्ता, भय, शोक
आदि दोषोंका अपने-आप उप शमनहो जाता है—इस दिव्य भावको दृढ़कराने वाला ब्रह्मलीन
श्रद्धेयस्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराज कृत एक सुन्दर विवेचन।

Additional information

Language

Bangla

Writer

Swami Ramsukhdas Ji