Sri Laxmisahastra Strotam (Sanskrit)

15.00

भगवती लक्ष्मीके कृपाकी आकांक्षा हर व्यक्ति नित्य ही करता है। इस
पुस्तकमें भगवती लक्ष्मीकी उपासनाके लिये नित्यपाठ हेतु लक्ष्मी
सहस्रनामस्तोत्रका प्रकाशन किया गया है। पुस्तकके अन्तमें देव कृत
लक्ष्मीस्तोत्रके संग्रहसे इसकी उपयोगिता और बढ़ गयी है।

Language

Sanskrit

Writer

Gita Press Gorakhpur

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भगवती लक्ष्मीके कृपाकी आकांक्षा हर व्यक्ति नित्य ही करता है। इस
पुस्तकमें भगवती लक्ष्मीकी उपासनाके लिये नित्यपाठ हेतु लक्ष्मी
सहस्रनामस्तोत्रका प्रकाशन किया गया है। पुस्तकके अन्तमें देव कृत
लक्ष्मीस्तोत्रके संग्रहसे इसकी उपयोगिता और बढ़ गयी है।

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Language

Sanskrit

Writer

Gita Press Gorakhpur