Manusya Jivan ka Uddesya (Hindi)
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मनुष्य-जीवनका
उद्देश्य पुस्तकाकार—ब्रह्मलीन परम श्रद्धेय श्रीजयदयालजी गोयन्दकाके पुराने
प्रवचनोंसे संकलित इस पुस्तकमें नि:स्वार्थ सेवा, भगवान् के स्वरूपका ध्यान,
विषयोंकी तुच्छता आदि विभिन्न प्रकरणोंके माध्यमसे परमार्थपथकी सुन्दर व्याख्या
की गयी है।
| Language | Hindi |
|---|---|
| Writer | Shri Jayadayal Ji Goyendka |
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मनुष्य-जीवनका
उद्देश्य पुस्तकाकार—ब्रह्मलीन परम श्रद्धेय श्रीजयदयालजी गोयन्दकाके पुराने
प्रवचनोंसे संकलित इस पुस्तकमें नि:स्वार्थ सेवा, भगवान् के स्वरूपका ध्यान,
विषयोंकी तुच्छता आदि विभिन्न प्रकरणोंके माध्यमसे परमार्थपथकी सुन्दर व्याख्या
की गयी है।
Additional information
| Language | Hindi |
|---|---|
| Writer | Shri Jayadayal Ji Goyendka |





