Bhagwat Sudhasagar (Gujarati)

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श्रीमद्भागवत
भारतीय वाङ्मयका मुकुट मणि है। भगवान्शुक देव द्वारा महाराज परीक्षित् को सुनाया
गया भक्ति मार्ग का तो मानोसोपान ही है। इसके प्रत्येक श्लोकमें
श्रीकृष्ण-प्रेमकी सुगन्धि है। इसमें साधन-ज्ञान, सिद्ध-ज्ञान, साधन-भक्ति,
सिद्धा-भक्ति, मर्यादा-मार्ग, अनुग्रह-मार्ग, द्वैत, अद्वैत समन्वयके साथ
प्रेरणादायी विविध उपाख्यानोंका अद्भुत संग्रह है। कलिसंतरणका साधन-रूप यह
सम्पूर्ण ग्रन्थ-रत्नमूलके साथ हिन्दी-अनुवाद, पूजन-विधि, भागवत-माहात्म्य,
आरती, पाठके विभिन्न प्रयोगोंके साथ दो खण्डोंमें उपलब्ध है। सचित्र, सजिल्द।

Language

Gujarati

Writer

Gita Press Gorakhpur

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SKU: 1608 Category:

श्रीमद्भागवत
भारतीय वाङ्मयका मुकुट मणि है। भगवान्शुक देव द्वारा महाराज परीक्षित् को सुनाया
गया भक्ति मार्ग का तो मानोसोपान ही है। इसके प्रत्येक श्लोकमें
श्रीकृष्ण-प्रेमकी सुगन्धि है। इसमें साधन-ज्ञान, सिद्ध-ज्ञान, साधन-भक्ति,
सिद्धा-भक्ति, मर्यादा-मार्ग, अनुग्रह-मार्ग, द्वैत, अद्वैत समन्वयके साथ
प्रेरणादायी विविध उपाख्यानोंका अद्भुत संग्रह है। कलिसंतरणका साधन-रूप यह
सम्पूर्ण ग्रन्थ-रत्नमूलके साथ हिन्दी-अनुवाद, पूजन-विधि, भागवत-माहात्म्य,
आरती, पाठके विभिन्न प्रयोगोंके साथ दो खण्डोंमें उपलब्ध है। सचित्र, सजिल्द।

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Gita Press Gorakhpur