Srimad Bhagwat Ki Pramukh Kathayen (Hindi)

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श्रीमद्भागवतकी
कथाएँ मानव-जीवनमें नैतिक मूल्योंकी स्थापना, उच्चआदर्शोंकी प्रतिष्ठा,
कर्तव्यनिष्ठा, सहकारिता आदि सद् गुणोंकी प्रतिष्ठामें विशेष सहायक हैं। चित्र
कथाकी इस पुस्तकमें भगवान्  वराह,
नर-नारायण, भगवान्  कपिल, सतीका आत्मदाह,
भक्तराजध्रुव, जडभरत, भक्तप्रह्ल ाद आदि की सत्रह प्रमुख कथाओंको अत्यन्त सरल
एवं भावात्मक शैलीमें श्रीमद्भागवतके आधार पर प्रस्तुत किया गया है। प्रत्येक
कथाके साथ सम्बन्धित आकर्षक एवं बहुरंगे चित्र भी दिये गये हैं।

Language

Hindi

Writer

Gita Press Gorakhpur

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SKU: 1537 Category:

श्रीमद्भागवतकी
कथाएँ मानव-जीवनमें नैतिक मूल्योंकी स्थापना, उच्चआदर्शोंकी प्रतिष्ठा,
कर्तव्यनिष्ठा, सहकारिता आदि सद् गुणोंकी प्रतिष्ठामें विशेष सहायक हैं। चित्र
कथाकी इस पुस्तकमें भगवान्  वराह,
नर-नारायण, भगवान्  कपिल, सतीका आत्मदाह,
भक्तराजध्रुव, जडभरत, भक्तप्रह्ल ाद आदि की सत्रह प्रमुख कथाओंको अत्यन्त सरल
एवं भावात्मक शैलीमें श्रीमद्भागवतके आधार पर प्रस्तुत किया गया है। प्रत्येक
कथाके साथ सम्बन्धित आकर्षक एवं बहुरंगे चित्र भी दिये गये हैं।

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Gita Press Gorakhpur