Sadhan Ke Do Pradhan Sutra (Oriya)
₹5.00
साधनके
दो प्रधान सूत्र पुस्तकाकार—प्रस्तुत पुस्तकके इस परिवॢधत संस्करणमें ईश्वर, जीव
और संसारके स्वरूप तथा सम्बन्ध एवं आत्मज्ञानके सरल उपायोंका साधनके दो प्रधान
सूत्र, साधकोंके लिये जानना और मानना आदि प्रकरणोंके माध्यमसे ब्रह्मलीन
श्रद्धेय स्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराजके द्वारा अत्यन्त सुन्दर विवेचन
प्रस्तुत किया गया है। अच्छे मोटे कागजपर दो रंगोंमें बड़े अक्षरोंमें छपी यह
पुस्तक नित्य स्वाध्यायके साथ उपहारमें देनेयोग्य है।
| Language | Oriya |
|---|---|
| Writer | Swami Ramsukhdas Ji |
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साधनके
दो प्रधान सूत्र पुस्तकाकार—प्रस्तुत पुस्तकके इस परिवॢधत संस्करणमें ईश्वर, जीव
और संसारके स्वरूप तथा सम्बन्ध एवं आत्मज्ञानके सरल उपायोंका साधनके दो प्रधान
सूत्र, साधकोंके लिये जानना और मानना आदि प्रकरणोंके माध्यमसे ब्रह्मलीन
श्रद्धेय स्वामी श्रीरामसुखदासजी महाराजके द्वारा अत्यन्त सुन्दर विवेचन
प्रस्तुत किया गया है। अच्छे मोटे कागजपर दो रंगोंमें बड़े अक्षरोंमें छपी यह
पुस्तक नित्य स्वाध्यायके साथ उपहारमें देनेयोग्य है।
Additional information
| Language | Oriya |
|---|---|
| Writer | Swami Ramsukhdas Ji |





